Storybox with Jamshed Qamar Siddiqui
जमशेद क़मर सिद्दीकी के साथ चलिए कहानियों की उन सजीली गलियों में जहां हर नुक्कड़ पर एक नया किरदार है, नए क़िस्से, नए एहसास के साथ. ये कहानियां आपको कभी हसाएंगी, कभी रुलाएंगी और कभी गुदगुदाएंगी भी. चलिए, गुज़रे वक्त की यादों को कहानियों में फिर जीते हैं, नए की तरफ बढ़ते हुए पुराने को समेटते हैं. सुनते हैं ज़िंदगी के चटख रंगों में रंगी, इंसानी रिश्तों के नर्म और नुकीले एहसास की कहानियां, हर इतवार, स्टोरीबॉक्स में.Jamshed Qamar Siddiqui narrates the stories of human relationships every week that take the listener on the rollercoaster of emotions, love, and laughter. Stories are written by Jamshed and by his fellow writers that talks about the various colors of life conflicts from father-son relationships to love triangle. Stories that let you be someone else for some time to see this world from a different angle.
इलाहाबादी चचा के मज़ेदार क़िस्से: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
इलाहाबाद की मिट्टी में कुछ तो है! यहां पानवाला भी ऐसी बात कह जाता है कि बड़े-बड़े बुद्धिजीवी सोच में पड़ जाएं, रिक्शेवाले की बकैती में भी ऐसा इंटेलेक्ट मिलेगा कि आप किताबें पलटना भूल जाएंगे! प्रयागराज यानी पुराने इलाहाबाद के इसी अनोखे मिज़ाज की एक दिलचस्प कहानी लेकर आए हैं जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से. क़िस्सा है इलाहाबादी बकैती के उस्ताद एक ऐसे चचा का जिनकी बातें, तर्क और अंदाज़-ए-बयां सुनकर आप हंसते-हंसते लोटपोट हो जाएंगे. साथ ही इस एपिसोड में सुनिए मशहूर शायर फ़िराक़ गोरखपुरी से जुड़ा एक बेहद दिलचस्प क़िस्सा. और इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में आए दो अंग्रेज़ी के प्रोफ़ेसरों का वो किस्सा भी, जिसमें छिपा है इलाहाबाद का ख़ास अंदाज़ और उसकी बेमिसाल हाज़िरजवाबी. सुनिए Storybox का ये ख़ास एपिसोड और जानिए इलाहाबाद की उस दुनिया को, जहाँ ह्यूमर, इंटेलेक्ट, साहित्य और ज़िंदगी एक साथ मिलते हैं.
Narrator: Jamshed Qamar Siddiqui
Sound Mix: Suraj Singh
कनपुरिया चचा के लखनवी क़िस्से: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
लखनऊ और कानपुर, इन दो शहरों के लोगों में हमेशा एक खास तरह की नोक-झोंक रहती है. लखनऊ वालों को लगता है कि कानपुर में तहज़ीब नाम की कोई चीज़ नहीं और कानपुर वालों की नज़र में लखनऊ के सारे लोग फ़र्ज़ी नवाब हैं! एक तरफ़ लखनऊ की नज़ाकत और नफ़ासत, तो दूसरी तरफ़ कानपुर का ठेठ अंदाज़ और बेबाक मिज़ाज. इन दोनों शहरों के बीच की ये खट्टी-मीठी नोक-झोंक किसी से छिपी नहीं है. लेकिन क्या हो कि अगर इन दो शहरों की लड़ाई किसी की शादी तक पहुंच जाए? सुनिए पूरी कहानी जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से स्टोरीबॉक्स के इस एपिसोड में.
Narrator - Jamshed Qamar Siddiqui
Sound - Piyush Kumar
भोपाली चचा के भन्नाट क़िस्से: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
स्टोरीबॉक्स के इस एपिसोड में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी सुना रहे हैं क़िस्से भोपाल के पटियेबाज़ों के. लंबी-लंबी हांकने वाले, अपने मन से कहानियां-क़िस्से बनाकर सुनाने की वो मज़ेदार परंपरा जिसमें क़िस्सा सुनाने वाले और सुनने वाले, दोनों को पता है कि क़िस्सा झूठा है लेकिन फिर भी उसका लुत्फ़ लिया जाता है. इनमें कभी कोई खां साहब रात के वक़्त जंगल में शेर के सामने खड़े हो जाते हैं, कभी नवाब साहब का ख़राब हेलिकॉप्टर एक ठोकर मार कर ठीक हो जाता है, एक बार तो किसी भोपाली ने जो गेंद पर शॉट मारा तो वो जाकर इंदौर से तीन किलोमीटर दूर गिरी. ऐसे ही बेशुमार क़िस्सों का गुलदस्ता तैयार किया गया है स्टोरीबॉक्स में जिसका नाम है “भोपाली चचा के भन्नाट किस्से”.
Narrator - Jamshed Qamar Siddiqui
Producer - Maaz Siddiqui
Sound - Piyush Kumar
सिगरेट के पैकेट से सरकार गिराने वाला शायर: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
ये कहानी है उस शायर की जिसे एक तानाशाह ने इसलिए जेल में डाल दिया क्योंकि उसके लिखे हुए शेर आवाम को जगा देते थे, आवाम सड़क पर आकर अपने हक़ मांगने लगती थी. उस सनकी तानाशाह ने कह दिया कि इस शायर को जेल में अकेले रखो और इसे कागज़-कलम नहीं मिलने चाहिए. वैसा ही किया गया. शायर जेल में अकेले था, न कागज़ था न कलम - लेकिन कोई किसी के ख़याल कैसे छीन सकता है. उस शायर ने अपने ज़हन में शेर कहे और जब कोई उससे मिलने आता था तो उसकी सिगरेट की डिब्बी के अंदर से निकलने वाले चमकीले कागज़ पर वो शायर अपनी नज़्म, शेर, ग़ज़ल या इंक़लाबी नारा लिख देता था. और इस तरह उस शायर की आवाज़ जेल के बाहर हो रहे प्रोटेस्ट में शामिल होती रही. उसके शब्द तानाशाह के खिलाफ़ हो रहे प्रदर्शनों की आवाज़ बनते रहे. कौन था वो सनकी तानाशाह, कौन था ये शायर, इंकलाब की ये कहानी कहां की है? बता रहे हैं जमशेद क़मर सिद्दीक़ी स्टोरीबॉक्स के इस एपिसोड में.
Narrator - Jamshed Qamar Siddiqui
Producer - Maaz Siddiqui
Sound - Piyush Kumar
नाना पाटेकर की आख़िरी ख़्वाहिश क्या थी?: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
नाना पाटेकर ने न कभी कोई एक्टिंग स्कूल जॉइन किया और न ही किसी को एक्टिंग का गुरु बनाया. उन्होंने ज़िंदगी की धूप में तपकर असल ज़िंदगी के एहसास को जी कर सुख और दुख को समझा, उसी के हिसाब से एक्टिंग की. नाना पाटेकर ने हर बार किरदार की बारीकियां अपनी एक्टिंग में उतारकर दुनिया को चौंका दिया. चाहे वो क्रांतिवीर हो, वजूद हो, परिंदा हो, वेलकम हो या अब तक छप्पन - हर बार उन्होंने दर्शकों को अपने काम से चौंका दिया. फ़िल्मों के अलावा नाना पाटेकर असल ज़िंदगी में भी एक बेहतरीन इंसान थे. गांव की ज़िंदगी उन्हें पसंद थी और वो हमेशा उसी माहौल में जीना चाहते थे. आज नाना पाटेकर हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनकी यादें हैं और कुछ सुने-अनसुने क़िस्से हैं जिन्हें स्टोरीबॉक्स के इस खास एपिसोड में याद कर रहे हैं जमशेद क़मर सिद्दीक़ी.
Narrator - Jamshed Qamar Siddiqui
Producer - Maaz Siddiqui
साहिर लुधियानवी के 200 रुपये: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
उर्दू शायर साहिर लुधियानवी ने एक बार अपने एक दोस्त को महज़ 200 रुपये उधार दिए थे. वो इसलिए क्योंकि वो शख्स बेरोज़गार था और उसके पास आखिरी 30 रुपये बचे थे, जो उसके खाने के लिए थे. वो आदमी तंगदस्ती में था, साहिर के पास पहुंचा और कुछ काम दिलवाने के लिए गुज़ारिश की. साहिर उस ज़माने पर छा चुके थे. उन्होंने उस शख्स से वादा किया कि देखते हैं कि क्या कर सकते हैं और साथ ही साथ 200 रुपये दे दिए. इस बात के साथ कि भई ये पैसे लौटा देना. ये उन्होंने इसलिए कहा ताकि लेने वाले को अहसान न लगे बल्कि उधार लगे. ये शख्स कौन था और वो 200 रुपये साहिर ने कब और कैसे वापस लिए? देखिए ‘स्टोरीबॉक्स’ का ये खास एपिसोड जिसमें क़िस्सा सुना रहे हैं जमशेद क़मर सिद्दीक़ी.
साउंड मिक्सिंग: रोहन भारती
भेड़िया - Part 3: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
एक Physics Professor के कमरे में अचानक एक अजनबी लड़की आती है और दावा करती है कि वो 300 साल बाद की दुनिया से आई है. वो खुद को एक Time Traveller बताती है. Professor Tabassum पहले उसकी बात सुनकर हँस देती हैं, उन्हें लगता है कि ये किसी तरह का मज़ाक है. लेकिन जब वो रहस्यमयी लड़की धीरे-धीरे ऐसी बातें बताना शुरू करती है, जो सिर्फ़ Professor Tabassum जानती हैं, तो कहानी का हर सच बदलने लगता है और फिर बात आती है Professor के इकलौते बेटे की मौत की… आख़िर कौन थी वो लड़की और टाइम ट्रैवल को धार्मिक किताबों में ढूंढने वाली Professor ने अपने बेटे का क़त्ल क्यों था? सुनिए कहानी के आख़िरी हिस्से में.
Narrator - Jamshed Qamar Siddiqui
Sound - Rohan Bharti
भेड़िया - Part 2: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
एक Physics Professor के कमरे में अचानक एक अजनबी लड़की आती है और दावा करती है कि वो 300 साल बाद की दुनिया से आई है. वो खुद को एक Time Traveller बताती है. Professor Tabassum पहले उसकी बात सुनकर हँस देती हैं, उन्हें लगता है कि ये किसी तरह का मज़ाक है. लेकिन जब वो रहस्यमयी लड़की धीरे-धीरे ऐसी बातें बताना शुरू करती है, जो सिर्फ़ Professor Tabassum जानती हैं, तो कहानी का हर सच बदलने लगता है. आख़िर कौन थी वो लड़की और टाइम ट्रैवल को धार्मिक किताबों में ढूंढने वाली Professor ने कौन सा राज़ दुनिया से छिपा रखा था? देखिए आगे की कहानी दूसरे एपिसोड में.
साउंड मिक्सिंग: रोहन भारती
भेड़िया: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
एक Physics Professor के कमरे में अचानक एक अजनबी लड़की आती है और दावा करती है कि वो 300 साल बाद की दुनिया से आई है. वो खुद को एक Time Traveller बताती है. Professor Tabassum पहले उसकी बात सुनकर हँस देती हैं, उन्हें लगता है कि ये किसी तरह का मज़ाक है. लेकिन जब वो रहस्यमयी लड़की धीरे-धीरे ऐसी बातें बताना शुरू करती है, जो सिर्फ़ Professor Tabassum जानती हैं, तो कहानी का हर सच बदलने लगता है.
- कौन है ये लड़की?
- क्या वाकई वो 300 साल भविष्य से आई है?
- उसे Professor Tabassum के अतीत के बारे में इतना कुछ कैसे पता है?
- और सबसे बड़ा सवाल... उसने Professor का कौन-सा खतरनाक राज़ दुनिया के सामने खोलने की धमकी दी है?
BHEDIA (भेड़िया) एक gripping Hindi Murder Mystery Thriller है, जिसमें Time Travel, Suspense, Mystery, Crime और एक छिपे हुए रहस्य की कहानी है जो एक-दूसरे से जुड़ती जाती है.
कहानी सुनिए, सुराग पकड़िए और देखिए सच कहाँ छिपा है...
Narrator - Jamshed Qamar Siddiqui
Producer - Maaz Siddiqui
Camera - Rahul Singh
Shoot Courtesy - Arvind Chaudhary & Team
Video Editor - Ajeet Singh
Sound - Rohan Bharti
कृष्ण जन्म कथा: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
जन्माष्टमी के मौके पर आज स्टोरीबॉक्स में ख़ास कहानी जो दरअसल नज़ीर अकबराबादी की एक मसनवी है. इसका नाम है 'कृष्ण जन्मकथा' जिसमें भगवान कृष्ण के जन्म, कंस की साज़िशें और वसुदेव का उन्हें उफ़नती हुई यमुना से गोकुल ले जाने के सारे मंज़र हैं. सुनिए नज़ीर अकबराबादी की लिखी कथा जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.
Narrator - Jamshed Qamar Siddiqui
Sound - Suraj Singh & Rohan Bharti
आख़िरी उम्र का इश्क़: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
ये कहानी एक ऐसे अमीर रईस की है जो चालीस साल के बाद अपने उस इश्क़ की तरफ़ लौटता है जिसे वो जवानी में छोड़ आया था. वो इश्क़ जो उसे इसलिए छोड़ना पड़ा क्योंकि वो बगावत नहीं कर पाया था अपने वालिद से... लेकिन अब जब वो उम्र के उस मोड़ पर है जहां वो तन्हा है, अकेला है तो वो उस आफ़रीन को ढूंढता है जिसे छोड़कर आया था. अब आफ़रीन कैसी है, कहां है, क्या हुआ था उसके साथ और क्या वो खां साहब को दोबारा अपनाएगी? देखिए जमशेद क़मर सिद्दीक़ी की लिखी कहानी 'आख़िरी उम्र का इश्क़' स्टोरीबॉक्स में.
Narrator - Jamshed Qamar Siddiqui
Sound - Suraj Singh & Rohan Bharti
मैंने पुरानी कार क्यों खरीदी?: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
ज़िंदगी में सब कुछ कीजिएगा लेकिन कभी पुरानी कार मत ख़रीदना. क्योंकि जिस दिन आप पुरानी कार ख़रीद लेंगे उसी दिन से आपके बुरे दिन शुरू हो जाएंगे. हमने भी अपनी ज़िंदगी में एक बार ये ग़लती की थी. एक पुरानी सी खटारा हमें पसंद आ गई क्योंकि बड़ी सस्ती थी. कार खरीद ली गई लेकिन उस दिन के बाद से हम भूल गए कि चैन की नींद क्या होती है? ऐसा कोई महीना नहीं गुज़रा जब गाड़ी को उसके ससुराल यानि कारखाने न ले जाना पड़ा हो. कारखाने वाला जो आदमी था वो हर महीने मेरी तनख्वाह में बराबर का हिस्सेदार हो गया था. स्टोरीबॉक्स में इस हफ़्ते सुनिए कॉमेडी कहानी 'मैंने पुरानी कार क्यों ख़रीदी?' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.
Narrator - Jamshed Qamar Siddiqui
Sound - Suraj Singh & Rohan Bharti
कारगिल शहीद की सगाई अंगूठी: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
ये कहानी है कारगिल जंग में शहीद हुए कैप्टन अनुज नैय्यर की, जो सगाई की अंगूठी उंगली में पहने जंग के मोर्चे पर जाने की तैयारी कर रहे थे. तभी उन्होंने अपने कमांडिग ऑफ़िसर से पूछा कि "सर, क्या मुझे अंगूठी पहनकर जंग में जाना चाहिए? क्योंकि अगर मैं वापस नहीं आया तो ये अंगूठी दुश्मनों के हाथ लग जाएगी". सुनिए सच्ची कहानी उस जांबाज़ की जिसने महज़ 24 साल की उम्र में अपने मुल्क के लिए मुहब्बत की राह में अपनी जान कुर्बान कर दी. फ़ैशन इंस्टीट्यूट जाने की तमन्ना रखने वाले, बॉम्बे बॉइज़ म्यूज़िक एल्बम के फ़ैन और बिना एनेस्थीसिया पैर में टांके लगवाने वाले अनुज नैय्यर की ज़िंदगी के अनसुने पहलुओं को देखिए स्टोरीबॉक्स के इस खास ‘स्वतंत्रता दिवस स्पेशल एपिसोड’ में.
Narrator - Jamshed Qamar Siddiqui
Sound - Suraj Singh
उर्दू शायरी के प्लेबॉय: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
ये कहानी है उर्दू के शायर दाग़ देहेलवी की, जिनको ख़ूबसूरती का आशिक़ कहते हैं और बोला जाता है कि उनके कई औरतों से रिश्ते रहे. मुगल बादशाह के बेटे से उनकी मां की शादी हुई तो वो लाल क़िले में रहने लगे जिसके बाद उनके पास हर ऐश ओ आराम था. दाग़ देहेलवी ने बचपन में ज़िंदगी की बदसूरत यादों को आसपास फैली रंगीनियों से भरने की कोशिश की, लेकिन उससे बड़ी हक़ीकत ये है कि उनके काम ने उर्दू शायरी को नई ज़मीन और नया आसमान दिया. सुनिए दाग़ के पिता को अंग्रेज़ी हुकूमत ने क्यों मारा था? और कहानी उस मर्डर मिस्ट्री की जिसका राज़ खुला एक फारसी में लिखे हुए ख़त से, देखिए पूरा एपिसोड स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी के साथ.
Narrator - Jamshed Qamar Siddiqui
Sound - Suraj Singh
वो कौन थी?: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
उस साल दिल्ली शहर की एक सड़क पर एक ही जगह बार-बार एक्सीडेंट्स हो रहे थे. ये सारे एक्सीडेंट्स टैक्सी ड्राइवर्स के थे. नौ टैक्सी ड्राइवर्स की मौत हो चुकी थी और अब डर के मारे टैक्सी ड्राइवर्स ने उस तरफ़ से गुज़रना बंद कर दिया था. मरते-मरते एक ड्राइवर ने एक बार बताया कि इन सारी मौतों के पीछे एक लड़की है, जो ले रही है इंतक़ाम. देखिए जमशेद क़मर सिद्दीक़ी की लिखी हॉरर कहानी “वो कौन थी?”.
Narrator - Jamshed Qamar Siddiqui
Sound - Rohan Bharti
एक प्रोटेस्ट की कहानी: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
ये कहानी है एक ऐसे शहर की जहां सब कुछ ठीक था. यहां की जनता न आंदोलन करती थी और न ही किसी तरह का विरोध दर्ज करती थी, इसकी वजह ये थी कि इस शहर में दफ़्तर बहुत थे. हर आदमी या तो दफ़्तर से आ रहा होता था या दफ़्तर जा रहा होता था, लेकिन एक दिन यहां कुछ ऐसा हुआ कि जनता सड़कों पर आ गई? क्या हुआ था उस दिन और क्यों ये आंदोलन शुरु हो गया? इस बार स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से सुनिए 'एक प्रोटेस्ट की कहानी'.
Narrator - Jamshed Qamar Siddiqui
Sound - Suraj Singh
कानपुर वाले चचा की वसीयत - Part 2: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
अंसारी साहब के लालची रिश्तेदारों को वसीयत में क्या मिला? किसे मिली अंसारी साहब की पुरानी कार और किसको मिलेगा उनका मकान, नानी का पीतल वाला पानदान किसके पास जाएगा और किसकी झोली में जाएगा घर में रखा हुआ कैश? वसीयत अब पढ़ी जाएगी. सुनिए जमशेद क़मर सिद्दीक़ी की लिखी कहानी 'अंसारी साहब की अजीब वसीयत' का दूसरा और आख़िरी हिस्सा.
Narrator - Jamshed Qamar Siddiqui
Producer - Maaz Siddiqui
Sound - Suraj Singh
कानपुर वाले चचा की वसीयत: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
ये कहानी है कानपुर में रहने वाले एक चचा की जिनकी दौलत पर उनके लालची रिश्तेदारों की नज़र थी. लेकिन चचा के इंतकाल के बाद जब उनकी वसीयत पढ़ी गई तो रिश्तेदारों के होश उड़ गए. क्या लिखा था चचा ने अपनी वसीयत में, कौन थी हुमैरा जिसके दो आंसू उनकी असली दौलत बन गई. सुनिए जमशेद कमर सिद्दीक़ी की लिखी कहानी 'कानपुर वाले चचा की वसीयत' स्टोरीबॉक्स में.
Narrator - Jamshed Qamar Siddiqui
Producer - Maaz Siddiqui
Sound - Suraj Singh
Video Editor - Manmeet Singh
Design - JP Singh
एक जीनियस की मौत: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
ये कहानी है सिनेमा के उस जीनियस की, जिसने अपने दौर से बहुत आगे की फिल्में बनाईं. ऐसी फिल्में, जिन्हें समझने के लिए शायद दुनिया तैयार नहीं थी. एक कामयाब अभिनेता, बेमिसाल निर्देशक... जो एक सुबह अपने कमरे में हमेशा के लिए खामोश हो गया. एक ऐसा शख्स जिसने टेलीफ़ोन ऑपरेटर की नौकरी से सफ़र शुरू किया और आगे चलकर भारतीय सिनेमा के सबसे करिश्माई फ़िल्मकारों में गिना जाने लगा - गुरु दत्त. इस बार सुनिए स्टोरीबॉक्स में गुरु दत्त की कहानी, जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.
Producer - Maaz Siddiqui
Narrator - Jamshed Qamar Siddiqui
Sound - Aman Pal & Suraj Singh
फ़्राइडे द 13th: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
ये कहानी है 29 साल पहले दिल्ली के सबसे भीषण अग्निकांड की, जहां एक थिएटर बन गया था गैस चेंबर. 59 लोगों की मौत हुई जिनमें बहुत सारे बच्चे भी शामिल थे. क्यों भड़की थी ये आग, थियेटर के अंदर क्या हुआ था, सिनेमा हॉल के दरवाज़े पर कुर्सियां किसने लगाईं, ज़हरीली गैस एसी के वेंट से अंदर कैसे आई और रेस्क्यू ऑपरेशन कैसे चला? देखिए पूरी कहानी 'स्टोरीबॉक्स' में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.
Producer - Maaz Siddiqui
Narrator - Jamshed Qamar Siddiqui
Sound - Aman Pal
कहानी रंगा-बिल्ला की: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
कहानी देश के सबसे बड़े किडनैपिंग केस की. वो कहानी जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया. सड़क से संसद तक कोहराम मच गया, प्रधानमंत्री का इस्तीफ़ा मांगा गया और विदेश मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सर पर भीड़ का पत्थर इतनी तेज़ लगा कि उनका कुर्ता खून से लाल हो गया. ये कहानी है क्राइम की सबसे कुख्यात जोड़ी - रंगा और बिल्ला की. सुनिए 'स्टोरीबॉक्स' में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.
Producer - Maaz Siddiqui
Narrator - Jamshed Qamar Siddiqui
Sound - Aman Pal
शायर बशीर बद्र के चार क़िस्से: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
मुहब्बत के शायर बशीर बद्र की ज़िंदगी के वो क़िस्से जिसमें सिर्फ़ उनकी शायरी नहीं, उनका सेंस ऑफ़ ह्यूमर, उनकी इंसानियत और उनकी हाज़िर जवाबी का पता मिलता है. बशीर बद्र को सीतापुर में एक सुरमे वाले ने क्यों डांटा, उन्होंने एक ट्रेन टीसी को बीस रुपये का नोट क्यों दिया और मुशायरे में उन्होंने राजिंदर सिंह बेदी की आंखों के बारे में क्या मज़ेदार बात कही, बता रहे हैं स्टोरीबॉक्स में इस हफ्ते जमशेद क़मर सिद्दीक़ी.
Producer - Maaz Siddiqui
Narrator - Jamshed Qamar Siddiqui
Sound - Suraj Singh & Rohan Bharti
प्रेमचंद की सीक्रेट डायरी: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
मुंशी प्रेमचंद की मौत के 90 साल बाद एक शख्स को मिली उनकी लिखी हुई एक डायरी. क्या था उस डायरी में जिसके बाद इलाके में मच गया हड़कंप, और कौन था वो ज़िला कलेक्टर जिसने हर कीमत पर उसे आम जनता से छिपाए रखने की कोशिश की? सुनिए जमशेद क़मर सिद्दीक़ी की लिखी कहानी 'प्रेमचंद की सीक्रेट डायरी' स्टोरीबॉक्स में.
Producer - Maaz Siddiqui
Narrator - Jamshed Qamar Siddiqui
Sound - Aman Pal
सुबह 10 बजे का न्यूज़ पॉडकास्ट- 5 मिनट
अहमदाबाद में आज से पहली वर्ल्ड योगासन स्पोर्ट्स चैंपियनशिप शुरू, मुज़फ्फरपुर अस्पताल अग्निकांड में 4 की मौत, दिल्ली होटल अग्निकांड मामले में FIR दर्ज, पश्चिम बंगाल में पूर्व TMC विधायक के घर छापा, IB अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड पर आज फ़ैसला, इज़रायल-लेबनान सीज़फायर पर सहमति, अमेरिकी संसद में ईरान को लेकर युद्धविराम प्रस्ताव किया पास, क्रीमिया में यूक्रेन का बड़ा हमला, ईरान ने अमेरिकी सैन्य जहाज़ को निशाना बनाया और व्हाइट हाउस में होगा UFC मुकाबलों का आयोजन, सिर्फ़ 5 मिनट में सुनिए सुबह 10 बजे तक की बड़ी खबरें.
अंग्रेज़ का भूत: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
मैं जिस जंगली इलाके में गाड़ी खराब होने की वजह से फंस गया था, वहां सौ साल पहले नील के खेत हुआ करते थे. जंगल के बीचोंबीच मैं एक पुराने मकान में रात भर के लिए ठहर गया, जहां एक अंग्रेज़ अफ़सर की मौत हुई थी. उस रात जो हुआ मैं कभी भूल नहीं पाऊंगा. सुनिए सत्यजीत रे की कहानी 'इंडिगो' का एक हिस्सा स्टोराबॉक्स में.
Producer - Maaz Siddiqui
Narrator - Jamshed Qamar Siddiqui
Sound - Aman Pal & Rohan Bharti
शमशुद्दीन का बकरा: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
महरौली में रहने वाले शमशुद्दीन का बकरा पूरी दिल्ली में मशहूर था. जमनापारी था, बड़े-बड़े कान, घुमावदार सींघ और तन के खड़ा हो जाए तो पूरा गधा मालूम होता था. शमशुद्दीन एक रोटी खुद कम खा सकते थे, मगर अपने बकरे को बिना चने खिलाए उन्हें नींद नहीं आती थी. लेकिन आख़िर एक रात को ऐसा क्या हुआ कि पूरा मोहल्ला उस बकरे के बाल को तावीज़ बनाकर पहनना चाहता था. स्टोरीबॉक्स में इस बार सुनिए 'शमशुद्दीन का बकरा 'स्टोरीबॉक्स' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.
Producer - Maaz Siddiqui
Narrator - Jamshed Qamar Siddiqui
Sound - Rohan Bharti
लखनऊ वाले वकील साहब: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
लखनऊ में एक थे वकील साहब जो बड़े उर्दू दां थे. उन्हें उर्दू से इस क़दर इश्क़ था कि किसी को ग़लत उर्दू बोलते सुन लें तो फ़ौरन टोक देते थे, पर क्या हुआ जब उनकी इकलौती बेटी इरम को इश्क़ हो गया एक ऐसे रीलबाज़ लड़के से जो शक्कर को भी सक्कर बोलता था और लखनऊ को नखलऊ. स्टोरीबॉक्स में इस बार सुनिए जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से उन्हीं की लिखी कहानी 'लखनऊ वाले वकील साहब'.
Producer - Maaz Siddiqui
Narrator - Jamshed Qamar Siddiqui
Video Editor - Manmeet Singh Sawhney
Design - JP Singh
Shoot Courtesy - Arvind Chaudhary & Team
Sound - Suraj Singh
हमशक्ल: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
कैसा हो अगर कभी कहीं घूमते हुए किसी सुनसान जगह पर आपको मिल जाए आपका एक 'हमशक्ल' जिसकी आवाज़ भी आपकी जैसी ही हो. बातचीत में पता चलता है कि उसका और आपका शहर भी एक है और उसकी जेब में उतने ही पैसे हैं जितने आपकी जेब में. आप की पहली प्रेमिका के नाम से लेकर, कॉलेज में आए नंबर तक सब कुछ एक जैसा है... ऐसे में क्या आप जानना चाहेंगे कि ये अजनबी कौन है और आप दोनों के बीच इतनी समानताएं क्यों हैं? कहीं ये कोई साज़िश तो नहीं, जो इस कहानी को एक क़त्ल तक ले जाती है. सुनिएसत्यजीत रे की लिखी थ्रिलर कहानी 'हमशक्ल' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.
Producer - Maaz Siddiqui
Narrator - Jamshed Qamar Siddiqui
Sound - Suraj Singh
दस पैसे और दादी | गुलज़ार की कहानी | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
सिर्फ़ दस पैसे के लिए दादी से लड़ाई करके घर से भागा 'चक्कू' गुस्से में रेलवे स्टेशन पहुंच गया और चलती ट्रेन में बैठ गया, लेकिन ट्रेन में बैठने के बाद उसने देखी एक दूसरी दुनिया जहां गरीबी थी, दर्द था और थी एक लावारिस लाश. सुनिए गुलज़ार की लिखी कहानी 'दस पैसे और दादी' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.
Producer - Maaz Siddiqui
Narrator - Jamshed Qamar Siddiqui
Sound - Aman Pal
सत्यार्थी V/s मंटो | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
कहानी सआदत हसन मंटो पर बनाए एक किरदार नफ़ासत हसन की, जो लिखी उनके दोस्त देवेंद्र सत्यार्थी साहब ने. ये उन्होंने उस कहानी के जवाब के तौर पर लिखी जो मंटो ने लिखी थी 'देवेंद्र' को 'हरेंद्र' बनाकर. तो सुनिए कहानी नफ़ासत हसन की जिसने नई नौकरी मिलने की खुशी में दोस्तों को एक दावत दी, दावत में किन मौलाना से हो गया नफ़ासत का झगड़ा और किसे शक हुआ कि नफ़ासत एक फ्रैंच राइटर की लिखी बातों को अपनी कहानियों में लिख देता है? स्टोरीबॉक्स में सुनिए 'मंटो V/s सत्यार्थी' सीरीज़ की दूसरी और आख़िरी कहानी जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.
साउंड मिक्सिंग: अमन पाल
मंटो V/s सत्यार्थी | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
रमेश एक तरक्की पसंद कहानीकार है जिसे बड़े-बड़े राइटर्स और शायरों को अपने घर दावत पर बुलाने का शौक है, एक रोज़ उसके घर पर एक ऐसा राइटर आता है जिसके आने के बाद रमेश को अफ़ सोस होता है कि काश उसे न बुलाया होता, सुनिए सआदत हसन मंटो की कहानी 'तरक्की पसंद' स्टोरीबॉक्स के इस खास सेगमेंट 'मंटो V/s सत्यार्थी' के पहले हिस्से में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से
साउंड मिक्सिंग: अमन पाल
मोहल्ले की लड़ाई | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
ये कहानी है एक ऐसे चचा कि जो मुहल्ले में होने वाली लड़ाइयों में ऐसे बीच-बचाव कराते थे कि लड़ाई और भड़क उठती थी. सुनिए इम्तियाज़ अली ताज की लिखी कॉमेडी कहानी ‘चचा छक्कन’ का हिस्सा 'मोहल्ले की लड़ाई' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.
साउंड मिक्सिंग: सूरज सिंह
इच्छा मृत्यु - पार्ट 3 | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
इच्छा मृत्यु का एक केस जिसे अदालत ने ख़ारिज कर दिया, उस मामले ने एक डॉक्टर को कैसे बना दिया क़ातिल? और कौन था निरंजन जिसने डॉक्टर को मजबूर किया कि वो अपने ही एक मरीज़ का ऑपरेशन थियेटर में इलाज के दौरान क़त्ल कर दें. सुनिए 'स्टोरीबॉक्स' में कहानी, इच्छा मृत्यु, का तीसरा हिस्सा जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.
साउंड मिक्सिंग: सूरज सिंह
इच्छा मृत्यु - पार्ट 2 | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
एक मरीज़ की इच्छा मृत्यु की याचिका कोर्ट ने नामंज़ूर कर दी. उसका दर्द और तकलीफ़ देखकर डॉक्टर मिर्ज़ा ने दया दिखाते हुए उसे ज़हर का इंजेक्शन लगा दिया, लेकिन मरीज़ की मौत के बाद डॉक्टर को पता चला कि ये इच्छा मृत्यु दरअसल एक साज़िश थी. वो एक ऐसे जाल में फंस गया है जो उसकी मौत तक पीछा नहीं छोड़ेगा. सुनिए 'स्टोरीबॉक्स' में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी की लिखी कहानी, इच्छा मृत्यु, का दूसरा हिस्सा.
साउंड मिक्सिंग: अमन पाल
इच्छा मृत्यु | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
एक डॉक्टर क्यों मजबूर था अपने मरीज़ की जान लेने के लिए? उसने ऑपरेशन थियेटर में अपने मरीज़ का क़त्ल किस तरह प्लान किया कि वो देखने में हादसा लगे? क़ातिल डॉक्टर का नैशनल हॉस्पिटल में भर्ती उस मरीज़ से क्या रिश्ता था, जिसने कोर्ट से अपने लिए मांगी थी इच्छा मृत्यु, सुनिए स्टोरीबॉक्स की नई कहानी जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.
साउंड मिक्सिंग: सूरज सिंह
पैदल जाती एक औरत | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
एक रोज़ बुआ अचानक कहीं गुम हो गईं. हमने बहुत ढूंढा उन्हें, रेलवे स्टेशनों पर, बस अड्डों पर, मंदिरों में और हर उस जगह जहां वो हो सकती थीं लेकिन वो नहीं मिलीं. कहां गईं थीं बुआ, क्या इसलिए गायब हुईं क्योंकि फूफा उस पर हाथ उठाते थे या इसलिए क्योंकि वो इस दुनिया से ऊब गई थीं... सुनिए अतुल तिवारी की लिखी कहानी 'पैदल जाती एक औरत' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से
साउंड मिक्सिंग: अमन पाल
वहम - पार्ट 2 | स्टोरीबॉक्स विथ जमशेद
विक्रांत हमेशा कहता रहा कि फ़बीहा असल में थी, लेकिन सारे सबूत यही इशारा कर रहे थे कि फ़बीहा नाम की कोई लड़की कभी थी ही नहीं. क्या डॉ खान और इंस्पेक्टर कुशाल सुलझा पाएंगे इस गुत्थी को? क्या था कहानी के पीछे का असल राज़? - सुनिए 'वहम' के दूसरे और आख़िरी हिस्से में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.
साउंड मिक्सिंग: अमन पाल
वहम | स्टोरीबॉक्स विथ जमशेद
पागलख़ाने की अंधेरी कोठरी से विक्रांत बार-बार चीखते हुए कहता था कि फ़बीहा उसकी एक दोस्त थी, उसके साथ थी. लेकिन पुलिस का मानना था कि फ़बीहा नाम की कोई लड़की कभी थी ही नहीं, वो सिर्फ़ विक्रांत के मन का वहम था - सुनिए स्टोरीबॉक्स की नई कहानी 'वहम' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.
साउंड मिक्सिंग: रोहन भारती और अमन पाल
पर्दा | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
चौधरी साहब के दादा एक ज़माने में दारोग़ा थे, बढ़िया आमदनी थी, ठाठ थे. उनके दो बेटे हुए फिर दोनों बेटों के बच्चे. जब ये बच्चे बड़े हुए तब तक चौधरी खानदान के पास न तो खानदानी दौलत बची थी और न ही रईसी... लेकिन पीरबख्श ने अपने दादा के वक्त की इज़्ज़त को ढोल में पोल बना रखा था. घर के अंदर भले सब फटे हाल थे लेकिन दरवाज़े पर ऐसा रेशमी पर्दा लटकाया था कि लगता था बड़ी शान वाले लोग हैं - सुनिए यशपाल की लिखी कहानी 'पर्दा' स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.
साउंद मिक्सिंग : सूरज सिंह
मरीज़ की आख़िरी ख़्वाहिश | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
नव्या की ज़िंदगी बस कुछ पलों की मेहमान थी, डॉक्टरों ने भी हाथ खड़े कर दिए थे. नव्या ने अपने पिता दीवान साहब, जो कचहरी में बड़े क्लर्क थे, उन्हें अपनी एक अजीब आख़िरी ख्वाहिश बताई. सुनिए एक शादीशुदा डॉक्टर और एक मरती हुई मरीज़ के बीच पनपते हुए एक अनकहे रिश्ते की कहानी - मरीज़ की आख़िरी ख्वाहिश स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.